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नवादा-पटना पैसेंजर ट्रेन का वैक्यूम पाइप फटा, चार घंटे स्टेशन पर फंसे रहे यात्री

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नवादा से पटना जाने वाली पैसेंजर ट्रेन तकनीकी खराबी के कारण करीब चार घंटे तक स्टेशन पर खड़ी रही। वैक्यूम पाइप फटने के बाद दूसरी इंजन लगाकर ट्रेन को रवाना किया गया।

नवादा/आलम की खबर:नवादा से शेखपुरा, बिहारशरीफ होते हुए पटना जाने वाली महत्वपूर्ण पैसेंजर ट्रेन गुरुवार सुबह तकनीकी खराबी का शिकार हो गई। इंजन में आई अचानक खराबी के कारण ट्रेन निर्धारित समय पर रवाना नहीं हो सकी और यात्रियों को करीब चार घंटे तक स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा। बाद में दूसरी इंजन की व्यवस्था कर ट्रेन को पटना के लिए रवाना किया गया। इस घटना से सैकड़ों यात्रियों की यात्रा प्रभावित हुई और स्टेशन पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

जानकारी के अनुसार ट्रेन संख्या 63390 सुबह अपने निर्धारित समय पर प्रस्थान की तैयारी में थी। इसी दौरान इंजन स्टार्ट करते समय वैक्यूम पाइप में खराबी आ गई। तकनीकी समस्या के कारण ब्रेक प्रणाली का आवश्यक प्रेशर नहीं बन सका, जिससे ट्रेन का संचालन संभव नहीं रहा। रेलवे कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर इंजन की जांच की, लेकिन समस्या का तत्काल समाधान नहीं हो सका।

तकनीकी खराबी के कारण ट्रेन लंबे समय तक प्लेटफॉर्म पर खड़ी रही। समय बीतने के साथ यात्रियों की चिंता और नाराजगी दोनों बढ़ने लगी। कई यात्रियों को कार्यालय, अस्पताल, प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य जरूरी कार्यों के लिए पटना जाना था। लगातार बढ़ती देरी के कारण उनकी दिनभर की योजनाएं प्रभावित हो गईं।

ट्रेन के काफी देर तक नहीं खुलने पर कुछ यात्रियों ने टिकट वापस करने की मांग की। इसे लेकर स्टेशन परिसर में कुछ समय के लिए तनाव जैसी स्थिति भी बन गई। सूचना मिलने पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान मौके पर पहुंचे और यात्रियों को स्थिति की जानकारी देकर शांत कराया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जल्द वैकल्पिक व्यवस्था कर ट्रेन को रवाना किया जाएगा।

रेलवे अधिकारियों ने तकनीकी टीम की मदद से इंजन की जांच की, लेकिन खराबी गंभीर होने के कारण दूसरी इंजन मंगाने का निर्णय लिया गया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई इंजन को ट्रेन से जोड़ा गया और करीब चार घंटे की देरी के बाद सुबह लगभग नौ बजे ट्रेन को पटना के लिए रवाना किया गया।

स्टेशन प्रबंधन के अनुसार इंजन स्टार्ट होने के दौरान वैक्यूम पाइप क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे पूरी ब्रेक प्रणाली प्रभावित हुई। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खराब इंजन के साथ ट्रेन चलाना संभव नहीं था। इसलिए दूसरी इंजन की व्यवस्था करना आवश्यक हो गया।

यह ट्रेन नवादा, शेखपुरा, बिहारशरीफ और आसपास के क्षेत्रों के हजारों यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण परिवहन साधन मानी जाती है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र, नौकरीपेशा लोग, व्यापारी, मरीज और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी इसी ट्रेन से पटना की यात्रा करते हैं। ऐसे में ट्रेन के कई घंटे विलंब से चलने का असर बड़ी संख्या में यात्रियों पर पड़ा।

कई यात्रियों ने रेलवे से मांग की कि इस तरह की तकनीकी समस्याओं को रोकने के लिए ट्रेनों का नियमित निरीक्षण और रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना था कि महत्वपूर्ण रूट पर चलने वाली ट्रेनों में यदि समय पर तकनीकी जांच हो तो यात्रियों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकता है।

रेलवे अधिकारियों ने भी भरोसा दिलाया कि घटना की तकनीकी समीक्षा की जाएगी और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही संबंधित इंजन की विस्तृत जांच भी कराई जाएगी ताकि खराबी के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके।

चार घंटे की लंबी प्रतीक्षा के बाद ट्रेन रवाना होने पर यात्रियों ने राहत की सांस जरूर ली, लेकिन अधिकांश यात्रियों का कहना था कि उनकी महत्वपूर्ण बैठकों, परीक्षाओं और अन्य कार्यों पर इसका सीधा असर पड़ा है। ऐसे में रेलवे को समयबद्ध संचालन और बेहतर रखरखाव पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

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यात्रियों की सुविधा के लिए तकनीकी रखरखाव सबसे अहम

रेलवे में तकनीकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। किसी भी प्रकार की खराबी मिलने पर ट्रेन को रोकना यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से आवश्यक कदम माना जाता है। हालांकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नियमित निरीक्षण और समय पर रखरखाव भी उतना ही जरूरी है।

महत्वपूर्ण रूटों पर चलने वाली ट्रेनों की तकनीकी निगरानी मजबूत होने से यात्रियों को समय पर यात्रा सुविधा मिलेगी और रेलवे सेवाओं पर लोगों का भरोसा भी और मजबूत होगा।

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